Kangra News: पंचायत प्रतिनिधि बनने पर नहीं जाएगी आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी
पंचायती राज विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण, काम प्रभावित होने पर बदला जा सकेगा कर्मचारीसंवाद न्यूज एजेंसीदेहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पंचायत प्रधान या पंचायती राज संस्था का सदस्य निर्वाचित होने पर आउटसोर्स कर्मचारी की नौकरी अपने आप समाप्त नहीं होगी। प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारी अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं। हालांकि, पंचायत प्रतिनिधि की जिम्मेदारियों से काम प्रभावित होने पर संबंधित एजेंसी को उसके स्थान पर दूसरे उपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति के निर्देश दिए जा सकते हैं।विभाग ने विभिन्न विभागों और कार्यालयों से मिले मार्गदर्शन के अनुरोध के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है। इनमें आयुष विभाग, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग और सोलन नगर निगम के मामले शामिल थे। इन मामलों में योग मार्गदर्शकों और तकनीकी सहायकों सहित पंचायत प्रतिनिधि निर्वाचित हुए आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने को लेकर सवाल उठे थे।विभाग ने इस संबंध में विधि विभाग से राय मांगी थी। विधि विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 में पंचायत के लिए निर्वाचित होने और पदाधिकारी बनने से संबंधित अयोग्यताओं का प्रावधान है, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारी के पंचायत प्रतिनिधि बनने पर उसकी सेवाएं समाप्त करने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।स्पष्टीकरण के अनुसार आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्त और उसी से भुगतान प्राप्त करने वाले कर्मचारी राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाते। इसलिए केवल आउटसोर्स कर्मचारी होने के आधार पर उन पर अधिनियम की धारा 122(1)(जी) के तहत अयोग्यता लागू नहीं होती।विभाग ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में संबंधित सक्षम प्राधिकारी तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लें। जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा सचिन ठाकुर ने इस तरह का स्पष्टीकरण पत्र मिलने की पुष्टि की है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 27, 2026, 17:53 IST
Kangra News: पंचायत प्रतिनिधि बनने पर नहीं जाएगी आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी #OutsourcedWorkersWillNotLoseTheirJobsUponBecomingPanchayatRepresentatives. #SubahSamachar
