धान घोटाला : एसआईटी बनने के बाद भी आगे नहीं बढ़ पाई जांच
यमुनानगर। जिला में सामने आए करोड़ों रुपये के धान घोटाले की जांच अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। एसआईटी बनने के बावजूद जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है।अब तक न तो कोई बड़ा खुलासा हो पाया है और न ही दूसरी गिरफ्तारी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राइस मिलर से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में जिन अहम खुलासों की बात कही जा रही थी, वे आज भी रहस्य बने हुए हैं। जांच की सुस्त रफ्तार ने न सिर्फ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आमजन के बीच भी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।धान घोटाले का मामला 13 नवंबर को उस समय उजागर हुआ था, जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार ने जांच के दौरान जिले में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था। जांच में प्रतापनगर की चार, छछरौली की दो और रणजीतपुर की एक राइस मिल में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा की धान की हेराफेरी सामने आई थी। ये सभी सातों राइस मिलें छछरौली निवासी संदीप सिंगला और उनकी पत्नी व पार्टनर रितिका सिंगला के नाम पर पंजीकृत पाई गई थीं। मामला सामने आने के बाद प्रतापनगर, छछरौली और रणजीतपुर चौकी में संबंधित राइस मिल संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किए गए। शुरुआती जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आने के बाद मामला एसआईटी को सौंप दिया गया, लेकिन इसके बावजूद जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। संदीप सिंगला को तीन बार रिमांड पर लिया गया, मगर एसआईटी अब तक यह सार्वजनिक नहीं कर पाई कि मिलर ने किन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के नाम उजागर किए हैं। घोटाले में संलिप्तता पाए जाने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई जरूर हुई है। हैफेड की ओर से दिसंबर माह में यमुनानगर में तैनात सीनियर मैनेजर सलिंद्र, फील्ड इंस्पेक्टर राजेश और चंद्रमोहन तथा टेक्निकल ऑफिसर अनिल कुमार को निलंबित किया गया था। इसके कुछ दिन बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक ने यमुनानगर में तैनात एएफएसओ देवेंद्र कुमार और प्रतापनगर में कार्यरत इंस्पेक्टर विनोद कुमार को भी निलंबित किया जा चुका है। दोनों अधिकारियों को कैथल के डीएफएससी कार्यालय से अटैच किया गया है। इन निलंबन के बावजूद जांच की दिशा और गति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। न तो अब तक किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही घोटाले की वास्तविक राशि या पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका है। संवाद-----वर्जन:धान घोटाले में अभी कोई प्रोग्रेस नहीं है। साथ ही कोई गिरफ्तारी भी नहीं हो पाई है। इस मामले में रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। - राजीव मिगलानी, डीएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 05, 2026, 03:22 IST
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