परंपरा: काशी में होगा कबूतरों की उड़ान का संग्राम, तीन घंटे हवा में टिके रहे तो विजेता; दी जाती है ट्रेनिंग
Varanasi News: काशी में कबूतर उड़ाने की परंपरा आज भी जीवंत है। इस बार मई में कबूतरों की उड़ान का संग्राम होगा और आसमान उनका अखाड़ा बनेगा। इस संग्राम में कबूतरों का हवा में तीन घंटे टिके रहना जरूरी होता है। यहां ऊंचाई ही नहीं, बल्कि हवा में टिके रहने की क्षमता निर्णायक होती है। बनारस में हर साल होने वाली कबूतर उड़ाने की प्रतियोगिता न सिर्फ शौक बल्कि अनुशासन, धैर्य और कबूतर पालने वालों की मेहनत का प्रतीक है। इस प्रतियोगिता के दिन सुबह होते ही कबूतरबाजों की छतों पर चहल-पहल बढ़ जाती है और देखते ही देखते आसमान कबूतरों के लिए खुले अखाड़े में बदल जाता है। प्रतियोगिता का आयोजन करने वाले अर्दली बाजार निवासी विक्की यादव ने बताया कि यह आयोजन हर साल फर्स्ट राउंड टूर्नामेंट कमेटी के बैनर तले मई और नवंबर माह के शुरुआती सप्ताह में होती है। इसमें अदर्ली बाजार, चौकाघाट, सिकरौल, बादशाह बाग, लल्लापुरा, बड़ी बाजार, राजघाट, भारद्वाजी टोला, छित्तनपुरा, पठानी टोला, अलईपुरा समेत कई इलाकों के कबूतर पालने वाले हिस्सा लेते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 22, 2026, 00:53 IST
परंपरा: काशी में होगा कबूतरों की उड़ान का संग्राम, तीन घंटे हवा में टिके रहे तो विजेता; दी जाती है ट्रेनिंग #CityStates #Varanasi #VaranasiNews #LatestNews #BigNews #SubahSamachar
