राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट की ट्रेजरी भी चला रहे थे चंपत, गोविंद देव सिर्फ नाम के कोषाध्यक्ष; हुआ खुलासा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने के बाद आ रहे तमाम बयानों से और परतें खुलने लगी हैं। ट्रस्ट के ट्रेजरी प्रभारी भले ही गोविंद देव गिरी हैं लेकिन उसकी चाबी चंपत राय के पास ही थे। बतौर महासचिव वही पूरा लेनदेन, खर्च आदि देख रहे थे। गोविंद देव सिर्फ नाम के कोषाध्यक्ष थे। कोई नहीं, गोविंद ने ही कुछ ऐसे बयान दिए, जिससे इस बात की पुष्टि होती है। ट्रस्ट की बैठक से पहले गोविंद देव गिरी ने एक बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अधिकतर प्रवास पर रहते हैं। एक डेढ़ महीने में वह अयोध्या आते हैं। वह प्रत्येक महीने पुणे से उनकी टीम के सीए आदि आते हैं जो पूरा लेखा जोखा तैयार करते है। इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया था बैंक संबंधी व्यय आदि के मामले में उनके कहीं कोई हस्ताक्षर नहीं होते हैं। यहां तक कि गणना प्रक्रिया पहली बार पिछले महीने समझी थी, आज तक उनको पता नहीं था कि क्या प्रक्रिया होती है। बाद में जो उन्होंने बयान भी दिए उससे भी यही बातें सामने आईं। सूत्र बताते हैं कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ही पूरा वित्तीय प्रबंधन देखते थे। बाकी अगर किसी की प्रमुख भूमिका रहती थी तो वह गोपाल की रहती थी। पूरा मंदिर प्रबंधन ये दो से तीन लोग चला रहे थे। ट्रेजरी के प्रभारी होने के बावजूद गोविंद देव गिरी का दखल न के बराबर रहा। हालांकि ये कहकर वह जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते, क्योंकि लिखापढ़ी में वही कोषाध्यक्ष हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 08, 2026, 01:51 IST
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