भरवाईं: श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और जीवन के आध्यात्मिक महत्व पर बांटा ज्ञान

देवी भागवत कथा के पांचवें दिन आचार्य गोपाल स्वरूप शास्त्री ने मां भगवती की महिमा का गुणगान करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और जीवन के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया। आचार्य गोपालचंद्र शास्त्री ने कहा कि मनुष्य की तृष्णा कभी समाप्त नहीं होती। इच्छाओं के पीछे भागते हुए इंसान जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि मनुष्य को अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए प्रभु की भक्ति में मन लगाना चाहिए। मां भगवती की आराधना से जीवन में सुख, शांति और संतोष की अनुभूति होती है। इस अवसर पर कथा के आयोजक संजय कालिया, उनकी धर्मपत्नी एवं मंदिर न्यासी अंजू कालिया सहित उनके परिवार के सदस्य और आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु मौजूद रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 15, 2026, 18:06 IST
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