भिवानी नगर परिषद में फर्जीवाड़ा: अफसरों व कर्मचारियों की मिलीभगत, प्रॉपर्टी आईडी में बदला मालिक का नाम
भिवानी नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी में मालिक बदलने का एक और नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर दो माह पहले खरीदी गई संपत्ति के मालिक का प्रॉपर्टी आईडी में ही नाम बदल डाला। इसका खुलासा तब हुआ जब महिला अपनी प्रॉपर्टी का ऑनलाइन नक्शा पास कराने के लिए फीस जमा कराने पहुंची तो उसे पता लगा कि ये संपत्ति उसके नाम ही नहीं है। जबकि दो माह पहले ही महिला ने राजस्व विभाग से 30 वर्गगज की दुकान की रजिस्ट्री कराई और उसका इंतकाल भी दर्ज हो गया। जबकि नगर परिषद ने उस महिला के नाम पुराने मालिक से नए मालिक के नाम संपत्ति की पीआईडी भी ट्रांसफर कर दी थी और कोई बकाया टैक्स नहीं होने का नो ड्यूज तक दे डाला था। अब इस मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी है। वहीं नगर परिषद अधिकारियों के भी शिकायत के बाद हाथ-पांव फूल गए हैं। नप अधिकारियों ने अपनी खाल बचाने के लिए आनन-फानन में पीआईडी में गलत नाम दर्ज किए जाने की शिकायत की जांच के लिए संबंधित को नोटिस जारी कर तलब किया है। दुकान की रजिस्ट्री और इंतकालराजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में दर्ज गांव धारेडू निवासी बलराम ने बताया कि वह ट्रैफिक पुलिस थाना भिवानी में बतौर एसपीओ कार्यरत है। उसने पत्नी प्रमिला के नाम से 30 जनवरी 2025 को मामनचंद और उसकी माता भगवती देवी से रोहतक रोड पालुवास के समीप ऑन रोड 30 वर्गगज में बनी दुकान खरीदी थी। इस दुकान की रजिस्ट्री और इंतकाल भी राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में दर्ज हो गया। इसके बाद प्रमिला ने नगर परिषद भिवानी में इस दुकान की पुराने मालिक से अपने नाम पीआईडी भी ट्रांसफर करा ली। प्रमिला के नाम पीआईडी नगर परिषद में दर्ज होने के बाद उसने संपत्ति के बकाया टैक्स को लेकर भी नो ड्यूज हासिल किया। लेकिन जब प्रमिला के पति बलराम 17 मार्च को दुकान का ऑनलाइन नक्शा पास कराने का आवेदन और फीस जमा कराने लगा तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी प्रमिला के नाम की पीआईडी अब कमलेश के नाम दर्ज कर दी है। जिसे देखकर बलराम के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह नगर परिषद में अपनी पत्नी की संपत्ति पर गलत नाम दर्ज कराने की पूछताछ के लिए पहुंचा। इस संबंध में नगर परिषद अधिकारियों ने उसे कोई रिकाॅर्ड नहीं दिखाया और न ही इसकी कोई जानकारी उसे दी। इसके बाद बलराम ने इसकी लिखित शिकायत नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को दी। वहीं इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए सीएम विंडो में भी शिकायत कर दी। इसके बाद आनन-फानन में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने 24 मार्च को संबंधित को नोटिस जारी कर तलब किया है। संवाद राष्ट्रपति के हाथों ले चुका है सम्मान, अब न्याय के लिए भटक रहा बलराम जिला यातायात पुलिस थाना में बतौर एसपीओ तैनात बलराम ने सैनिक रहते हुए अपने शौर्य और वीरता की बदौलत मिले सम्मान को दिखाते हुए बताया कि उसने 2002 से लेकर 2019 तक सेना में बतौर हवलदार देश की सेवा की है। इस दौरान उसकी तैनाती जम्मू कश्मीर के रामबन जिला में रही। वहां पर उसने एक उग्रवादी को मार गिराया था। इसकी बदौलत उसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल हो हाथों सम्मान मिला था। इसके बाद भी उसे कई सम्मान मिल चुके हैं। पिछले दो साल से वह जिला यातायात पुलिस थाना में बतौर एसपीओ तैनात हैं। उसकी पत्नी प्रमिला के नाम से उसने पूरी जिंदगी की जमा पूंजी से 30 वर्गगज की दुकान खरीदी थी। इसकी नप अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर गलत तरीके से पीआईडी में नाम बदलवा दिया है। जबकि उस दुकान की रजिस्ट्री इंतकाल उनकी पत्नी के नाम है और संपत्ति पर कब्जा भी उसी का है। कुछ रसूखदार लोग अपने राजनीतिक प्रभाव का गलत प्रभाव दिखाते हुए उस पर नाजायज दबाव बना रहे हैं। इसकी शिकायत सीएम विंडो में दी है और नप को भी शिकायत दी है। इसके बाद उसे नोटिस जारी कर 25 मार्च को कार्यालय में बुलाया था, लेकिन अधिकारी उसे बुलाकर खुद गायब हो गए। अधिकारी के अनुसार नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी पोर्टल पर ऑनलाइन है। किस दस्तावेज के सहारे संपत्ति में मालिक का नाम बदला है, यह पोर्टल पर देखा जा सकता है। अगर मलकियत संबंधी पोर्टल पर गलत नाम दर्ज किए जाने की कोई शिकायत है तो इस संबंध में उसका निपटान कराएंगे। फिलहाल रिकॉर्ड देखने के बाद ही इस मामले में ज्यादा कुछ कहा जा सकता है। - राजाराम, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 26, 2025, 10:25 IST
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