हिमालय और गंगा संकट में, वनाधिकार बहाल हों : उपाध्याय
टिहरी विधायक बोले, उत्तरकाशी को आरक्षण की श्रेणी में करें शामिलउत्तरकाशी। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि आज जल, जंगल और जमीन को बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर तिलाड़ी आंदोलन हुआ था जिसमें अनेक आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों के वनाधिकार बहाल किए जाने चाहिए। उत्तरकाशी को आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया गया है लेकिन सरकार को पूरे पर्वतीय क्षेत्र को भी आरक्षण के दायरे में लाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह हिमालय बचाओ, गंगा बचाओ अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को सरकार की ओर से निशुल्क रसोई गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो वर्ष 2050 तक हिमालय में बर्फ का अस्तित्व समाप्त होने और गंगा में जल प्रवाह प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि माउंट एवरेस्ट पर बर्फ का घनत्व लगातार घट रहा है और हर सात वर्ष में लगभग 150 मीटर तक कमी दर्ज की जा रही है। वार्ता में राजेंद्र गंगाड़ी, लोकेंद्र सिंह बिष्ट, अवधेश भट्ट, नवीन पैन्यूली आदि मौजूद रहे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 18, 2026, 18:27 IST
हिमालय और गंगा संकट में, वनाधिकार बहाल हों : उपाध्याय #HimalayasAndGangaInCrisis;ForestRightsMustBeRestored:Upadhyay #SubahSamachar
