रनिंग ट्रायल: सोनीपत-जींद ट्रैक पर 80 की स्पीड से दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, देखने पहुंचे लोग; कल फाइनल ट्रायल

लंबे अंतराल के बाद ट्रैक पर उतरी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुक्रवार को दूसरे दिन सोनीपत जंक्शन पहुंची। टेस्टिंग टीम के अनुसार ट्रेन 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की अभी तक की अधिकतम स्पीड से ट्रैक पर दौड़ी। हालांकि बीच-बीच में टेस्टिंग के चलते जींद से सोनीपत तक की 90 किलाेमीटर की दूरी तय करने में 3 घंटे लग गए। अधिकारियों के अनुसार शनिवार को इसका फाइनल ट्रायल हाे सकता है। एक ओर स्टेशन पर नए डिजाइन की ट्रेन को लेकर लोगों में उत्सुकता देखने को मिली, वहीं कुछ मायूसी भी हाथ लग रही है। इसका कारण ट्रेन के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होना था। चेन्नई की मेधा कंपनी से तैयार देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन नए साल के पहले दिन दिल्ली से जींद जंक्शन पर पहुंची थी। इसके बाद इसकी प्लांट के अंदर ही टेस्टिंग चल रही थी। भीषण ठंड के कारण गैस में नमी आई और फ्यूल फिलिंग में दिक्कतें आईं। 5 जनवरी को लखनऊ से वायरिंग का सामान पहुंचने के बाद तकनीशियन लगातार इन खामियों को दूर करने में जुटे हुए थे। पहले दिन रखे थे पानी के 35 कैन बुधवार को सुबह सात बजे जींद जंक्शन के यार्ड से निकलने के बाद रास्ते में जगह-जगह टेस्टिंग के बाद यह ट्रेन शाम 4 बजे 70 किलोमीटर की स्पीड से मोहाना तक पहुंची थी। पहले दिन के ट्रायल के दौरान ट्रेन में एक डिब्बे में 10 से 15 लीटर के 35 पानी के कैन रखे हुए थे। हर डिब्बे में सेंसर लगाकर एक जगह कंट्रोल रूप बनाया गया था। इसके माध्यम से ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, हाइड्रोजन फ्यूल सेल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही थी। पिछले तीन दिन से अलग-अलग स्पीड लेवल पर टेस्टिंग का क्रम जारी है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टेंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन की मल्टीलेवल टीम ट्रेन की अधिकतम रफ्तार, ईंधन खपत, सिग्नल सिस्टम के साथ तालमेल और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया की जांच कर रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले दिन डीजल इंजन के साथ निकली यह ट्रेन अब पूरी तरह से हाइड्रोजन पर ही चल रही है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर 35 मिनट रुकी और लोगों को निराश कर गई शुक्रवार दोपहर 2 बजे यह जींद से सोनीपत के लिए चली। 5 बजे यहां पहुंची। करीब 35 मिनट प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर रुकी भी। आसपास यात्रियों की भीड़ भी जुटी, लेकिन सवारी करने का मौका नहीं मिलने के कारण वो मायूस मन से लौट गए। हुआ यूं कि प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर जींद के लिए नियमित जाने वाली गाड़ी चलने को तैयार थी, जो कभी 4 तो कभी 5 नंबर प्लेटफॉर्म से जाती है। इसके चलते 5 नंबर प्लेटफॉर्म से जैसे ही नई ट्रेन रवाना हुई, कुछ युवाओं ने इसमें चढ़ने की कोशिश की। हालांकि ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने चढ़ना तो दूर, किसी को पास भी नहीं आने दिया। संवाद न्यूज एजेंसी ने बात की तो दो युवकों ने बताया कि वो भंभेवा जाने के लिए ट्रेन में चढ़ना चाह रहे थे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह कोई नियमित गाड़ी न होकर अंडर टेस्टिंग हाइड्रोजन ट्रेन है। कुछ भी कहने से बच रहे हैं अधिकारी, आज हो सकता है फाइनल ट्रायल इस ट्रेन के बारे में जिज्ञासाएं तो बहुत हैं, लेकिन बताने को कोई कुछ भी तैयार नहीं है। प्लेटफॉर्म पर मौजूद आरडीएसओ के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने कोच नंबर 2 में बने कंट्रोल रूम में बैठे संगठन के निदेशक की तरफ इशारा किया और खुद एक साइड चले गए। इसके बाद हमने अंदर एक-एक चीज पर बारीकी से निगरानी रख रहे निदेशक से बात की तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि इसके लिए उत्तर रेलवे के अधिकारी ही अथॉरिटी रखते हैं। जींद की तरफ आखिरी छोर पर लगे इंजन के पास मौजूद उत्तर रेलवे के अधिकारियों के पास जाकर बात की तो वहां से भी रटा-रटाया एक ही जवाब मिला-हमें ऊपर से अनुमति नहीं है। इसी के साथ सूत्रों से जानकारी मिली है कि शनिवार को इसका फाइनल ट्रायल हो सकता है। इसके बाद रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 27, 2026, 16:46 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




रनिंग ट्रायल: सोनीपत-जींद ट्रैक पर 80 की स्पीड से दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, देखने पहुंचे लोग; कल फाइनल ट्रायल #CityStates #Sonipat #Haryana #HydrogenTrain #TrialRun #SubahSamachar