UP: यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों की दो मुख्य वजह, जिससे ये बन गया खूनी मार्ग; हाथरस में छह लोगों की हो गई मौत

यमुना एक्सप्रेस वे पर झपकी और रफ्तार का कहर लगातार जारी है। हादसों के बाद सुरक्षा के इंतजाम के लिए कवायद तो बहुत होती है लेकिन इनका असर धरातल पर नजर नहीं आता है। चालक रात के समय लगातार वाहन चलाते हैं। इस वजह से मथुरा, हाथरस और आगरा में कई बार सड़क दुर्घटनाओं में लोग अपनी जान गवां चुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार रात 1 बजे से सुबह 5 बजे के बीच मानव शरीर की जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) नींद की अवस्था में होती है। इसी समय थकान, उनींदापन और प्रतिक्रिया क्षमता में कमी सबसे अधिक होती है। यमुना एक्सप्रेस वे पर चार पहिया वाहनों के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा और कुछ श्रेणियों के लिए इससे अधिक निर्धारित है। अधिक गति में यदि चालक की आंख कुछ सेकंड के लिए भी बंद हो जाए तो वाहन सैकड़ों मीटर आगे बढ़ चुका होता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 04, 2026, 08:24 IST
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