सरसौल के नन्देश्वर धाम में नागों से हुआ भोलेनाथ का श्रृंगार
सरसौल के हाथीगांव स्थित लगभग दो सौ वर्ष प्राचीन श्री नन्देश्वर धाम मंदिर महाशिवरात्रि पर्व पर आस्था का केंद्र बन गया। बुधवार की रात स्वयंभू अर्धनारीश्वर शिवलिंग का श्रृंगार जीवित नागों से किया गया। यह अद्भुत परंपरा पिछले 27 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। श्रृंगार से पूर्व कलाकारों ने शिवलिंग पर विशेष आकृति बनाई और बेलपत्र पुष्पों से सजावट की। पूजा के बाद नागों को स्वतंत्र रूप से मंदिर परिसर में विचरण करने दिया गया। भक्तों की भारी भीड़ बम बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। मंदिर समिति अध्यक्ष राजेंद्री यादव ने बताया कि मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है और महाशिवरात्रि पर सात दिन का विशाल मेला आयोजित होता है। श्रद्धालु दूर-दूर से आकर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर की विशेषता यह भी है कि अर्धनारीश्वर शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है जिसे श्रद्धालु दिव्य चमत्कार मानते हैं। सपेरे रामपाल नाथ ने बताया कि पूजा के बाद सभी नागों को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाता है। सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी और बम निरोधक दस्ता तैनात रहा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 18, 2026, 20:15 IST
सरसौल के नन्देश्वर धाम में नागों से हुआ भोलेनाथ का श्रृंगार #SubahSamachar
